छत्तीसगढ़

जिला अस्पताल में 6 साल की बच्ची की मौत से मचा हड़कंप

Shantanu Roy
14 Sept 2025 12:01 AM IST
जिला अस्पताल में 6 साल की बच्ची की मौत से मचा हड़कंप
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Kondagaon. कोंडागांव। कोंडागांव जिला अस्पताल में एक 6 वर्षीय बच्ची की मौत से हड़कंप मच गया है। घटना ने अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बोटीकनेरा गांव की निवासी गंगा नेताम सिकलिन से पीड़ित थी। उसके माता-पिता देवकी नेताम और सनत नेताम सोमवार को नियमित जांच के लिए उसे अस्पताल लेकर आए थे। परिजनों ने बताया कि गंगा नेताम को हर महीने रक्त चढ़ाया जाता था, जिससे उसकी स्थिति नियंत्रित रहती थी। इस बार डॉक्टरों ने उसके पेट के किनारे बने तिल को देखकर ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। ऑपरेशन से पहले बच्ची को एनेस्थीसिया दिया गया, लेकिन इसके बाद वह होश में नहीं आई। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद कोई डॉक्टर बच्ची की हालत देखने नहीं आया।

शनिवार को बच्ची की मौत हो गई। परिवार ने आरोप लगाया कि बच्ची पूरी तरह स्वस्थ थी और केवल सिकलिन बीमारी से ग्रसित थी। उनका कहना है कि डॉक्टरों की लापरवाही से बच्ची की जान गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर उपचार में लापरवाही बरतने और समय पर इलाज न करने का आरोप लगाया है। इस मामले पर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. प्रेम कुमार मंडावी ने कहा कि मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। घटना की जानकारी मिलने पर कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष झूमुक लाल दीवान ने अस्पताल प्रशासन पर सवाल उठाए।

उन्होंने दोषी डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग करते हुए परिजनों को उचित मुआवजा देने की बात कही। उन्होंने इसे अस्पताल की बड़ी लापरवाही बताया और बच्चों की सुरक्षा को लेकर कड़ी निगरानी की आवश्यकता जताई। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि एनेस्थीसिया देने के बाद मरीज की लगातार निगरानी आवश्यक होती है। लेकिन इस मामले में इलाज के मानकों की अनदेखी की गई, जिससे बच्ची की जान चली गई। यह घटना क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और अस्पतालों में आवश्यक सुविधाओं की कमी को उजागर करती है।
स्थानीय
नागरिकों ने घटना की निंदा की और अस्पताल प्रशासन से पारदर्शी जांच की मांग की है। साथ ही बच्चों के इलाज में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपस्थिति और निगरानी सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई गई है। फिलहाल प्रशासन ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। वहीं परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं। पूरे मामले ने स्वास्थ्य विभाग और जिला अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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